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मदर्स डे पर विशेष: मेरे पास मां है...
Posted date - 2012-05-14 10:48:44 am
 
अंकुर कुमार श्रीवास्‍तव
"ये वही मैं और ये वही तुम, हम दोनो एक साथ इस फुथपाथ से उठे थे... आज मैं कहा हूं और तुम कहा, आज मेरे पास गाड़ी है, बंगला है, बैंक बैलेंस है तुम्‍हारे पास क्‍या है? मेरे पास मां है" फिल्‍म दीवार का यह डॉयलाग बिल्‍कुल सच है क्‍योंकि जिनके पास मां है उनके पास दुनिया की सारी दौलत है। क्‍योंकि वो एक बार सिर पर हाथ फेर दे तो सारे रंजोगम दूर हो जाते हैं। दुनिया के सारे रिश्‍तों में सबसे उपर है मां का रिश्‍ता। आज मदर्स डे है और इस खास दिन पर पेश है वन इंडिया की तरफ से खास पेशकश "मेरे पास मां है"

मां..यह शब्द, जितना छोटा है उससे कहीं ज्यादा गहरा है इसका एहसास। जिस तरह से यह शब्द एक अक्षर पर टिका है, उसी तरह इसका भाव भी एक ही है और वो है वात्सल्य या स्नेह। आज पूरे देश में मदर्स डे धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐसे में बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने भी इस दिन को अहम माना और सेलिब्रेट किया। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी का मानना है कि 'मदर्स डे' प्रत्येक दिन होता है और अपनी मां को रोजाना आभार जताना काफी मायने रखता है।

प्रत्येक वर्ष मई महीने के दूसरे रविवार को मनाए जाने वाले 'मदर्स डे' को लेकर बॉलीवुड की कई हस्तियों ने मां की महत्ता पर अपने विचार रखे हैं।
शेट्टी ने कहा कि मेरे लिए वर्ष के सभी 365 दिन मदर्स डे हैं, क्योंकि आपके जीवन में जो कुछ भी घटित होता है, उसके पीछे मां हैं। वहीं दीया मिर्जा के मुताबिक, मां के बिना प्रत्येक दिन अधूरा है। हम सभी जानते हैं कि मां का प्रेम निस्वार्थ होता है। एक माता अपने बच्चे के लिए जो करती है उसकी समानता कोई नहीं कर सकता। ये तो रही बॉलीवुड की बात मगर अब हम एक अपने इस विशेष पेशकश में कुछ ऐसी मां के बारे में भी चर्चा कर रहे हैं जो बदनसीब हैं।

कहीं बदनसीब भी है मां

मां सृजनशक्ति है। न सिर्फ वह अपने भीतर एक नए शरीर की रचना करती है, बल्कि हम और आप जिस रूप में है, उस व्यक्तित्व का निर्माण भी मां ही करती है। मां की अंगुली पकड़कर ही तो कई बार गिर-गिर और संभल कर हम चलना सीखते हैं। विफलताओं की ठोकर लगने पर मां के कोमल स्पर्श मात्र से शरीर में एक नई शक्ति का संचार हो जाता है। मगर कुछ मां ऐसी भी है जो बदनसीब हैं। नौ महीने पेट में जिस बच्चे को पाला आज वह बूढ़ी मां का खर्च उठाने को तैयार नहीं है।

कामकाजी बेटा होने के बावजूद दिल्ली में रहने वाली 70 साल की एक मां अपने बूढ़े पति और एक अपाहिज बेटे का भार अपने कंधों पर ढो रही हैं। मदर्स डे के सवाल पर वह कहती हैं कि आज के बच्चे कहां समझते हैं मां का मतलब। उन्हें तो बस अपनी जिंदगी की पड़ी है। मैं अपने परिवार की जिंदगी चलाने के लिए दफ्तरों के धक्के खा रही हूं मगर मेरा दूसरा बेटा खाना देने को तैयार नहीं है। वहीं तिहाड़ जेल में बंद वे महिला कैदी जो मां हैं, मदर्स डे पर फोन व पत्र का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।

कबसे और क्‍यों मनाया जाता है मदर्स डे

918 में यह फ्रांस के लियोन शहर में उन सैनिकों की माताओं के सम्मान में मनाया गया जिनके पुत्र प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हो गए थे। 1929 में फ्रांस सरकार ने इसे मान्यता प्रदान की। इटली में जहां पहली बार 12 मई 1957 को मदर्स डे मनाया गया वहीं इसराईल में 21 मार्च को इस दिवस को मनाते हैं। जापान में 1937 में अहितो सम्राट की माता के जन्म दिवस पर यह 6 मार्च को पहली बार मनाया गया। 1949 से यह मई माह के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। लोग जापान में इस दिन माताओं को उपहार विशेषत: लाल गुलाब देते हैं।

अमेरिका तथा पाकिस्तान में भी यह मई माह के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। पनामा में यह दिवस जहां 8 दिसम्बर को मनाया जाता है वहीं रोमानिया में इसकी शुरूआत 2010 से हुई तथा मई के प्रथम सप्ताह में मनाया गया। श्रीलंका में सिंहली, तमिल व बौद्ध सभी धर्मों व वर्गों के लोग मातृ दिवस मनाते हैं। मातृ दिवस को मनाने की परम्परा 20वीं सदी के प्रथम दशक से शुरू मानी जाती है तथा 21वीं सदी के प्रथम दशक तक इस ‘सम्मान दिवस’ का वैश्वीकरण हो चुका है।

यह अच्छा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मां के सम्मान का एक दिवस विशेष आयोजित किया जाता है लेकिन क्या दिवस विशेष पर ही मां सम्मान व आदर की हकदार है? बात अगर भारतीय परिवेश व संस्कृति की करें तो यहां हमारी संस्कृति में तो प्रत्येक दिवस माता-पिता, बड़ों व गुरुजनों के सम्मान को समर्पित है। प्राचीन समय से लेकर वर्तमान तक माताओं ने कलेजे पर पत्थर रख कर देश, राष्ट्र, समाज, धर्म व मानवता की रक्षा हेतु अपने लालों को समर्पित किया है।

''मां के आंचल में बस सपने पलते हैं। कैसे और कब वो हकीकत के पंख लगा उड़ते हैं, न हमको पता है, न तुमको पता है, बस मां की रातजगी अंखियों का ये सिला है'' जी हां मां ऐसी ही होतर है और इसके बारे में जितना भी लिखा जाये वो कम हैं। मगर इस विशेष पेशकर पर आपसे एक सवाल है जिसका जवाब आप नीचे लिखे कमेंट बाक्‍स में लिखकर दे सकते हैं। अपनी मां को मदर्स डे विश के लिये भी नीचे दिये कमेंट बाक्‍स में लिखें।

आपने अपनी मां को किस तर‍ह मदर्स डे विश किया?

मदर्स डे से जुड़ी आपकी कोई कहानी या फिर आपकी कोई कीमती राय?

आप अपनी मां के लिये ऐसा क्या खास और हटकर करना चाहते हैं जिसे उन्‍हें खुशी मिले?
 
 
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